आपदा प्रबंधन पर निबंध | Essay on Disaster Management in Hindi

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Essay on Disaster Management in Hindi | आपदा प्रबंधन पर निबंध

कहर हुआ सुनामी का चक्रवात,
भूसा फिल्म या फिर भूचाल का डर हुआ,
कभी बाढ़ का, कबीर सूखे का कौन है उत्तरदायी इनका
प्रगति या दोष है यह इंसान का।

प्राकृतिक आपदाएं

जब हम हजारों लाखों लोगों को बेघर होते देखते हैं, तो घायल होते और मरते देखते हैं, जोतो यह पर्सन हमारे सामने आ खड़ा होता है कि इनके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ मनुष्य भी पर्यावरणीय असंतुलन के लिए उत्तरदायी है। वास्तव में प्राकृतिक आपदा प्रकृति का मानव के प्रति रोष है जिसकी अभिव्यक्ति धरती के क्षणभर मैं जीवन का अस्तित्व मिटाने की क्षमता रखती है।

प्रकृति का यह रोष,यह तांडव देख मानव सिहर उठता है, किंतु जान जीवन के सामान्य होते ही सब कुछ भूल जाता है।यह अपनी भूल के तनिक भी सीख नहीं लेता तथा लगातार वर्षों की कटाई कर अपने क्षणिक भोग की वस्तुओं का निर्माण करता जाता है और फिर सुनामी जैसे महा आपदा को निमंत्रण देता है।

आज ऐसे उपायों की आवश्यकता बहुत अधिक है जिन की योजना पहले से बनाई गई हो, सब को उनकी जानकारी हो तथा यथावसर उनका उपयोग किया जा सके।

Essay on Disaster Management

Essay on Disaster Management

Essay on Disaster Management

मौसम की चेतावनी देकर, बचाव कार्य तथा प्रथमिक उपचार के बारे मैं विशेष प्रशिक्षण देकर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।अच्छे निर्माण कार्यों की समाज हमारे लिए बहुत आवश्यक है ताकि घरों, विद्यालयों तथा संस्थानों को सुरक्षित रखा जा सके। आपदारोधी इमारतों का निर्माण करना तथा विद्यमान इमारतों की मरम्मत तथा उनका नवीनीकरण अत्यंत आवश्यक है।

सरकार की जिम्मेदारी

केंद्रीय स्तर पर जहां वस्तुओं और वित्तीय संस्थानों के पूर्ति की जाती है, वहां अपनाओ से निबटने का मुख्य दायित्व राज्य सरकार का है। जिला प्रशासन सभी गतिविधियों का केंद्र बिंदु होता है। इसके अतिरिक्त अनेक छोटे बड़े संगठन भी निरंतर सहायता एवं बचाव कार्यों मैं लगे रहते हैं।

नागरिकों के कर्तव्य

हम सुसंस्कृत, सुसभ्यकहलाने वाले प्राणी आए दिन होने वाले आपदाओं के लिए कभी सरकार को कोसते हैं तो कभी ईश्वर से शिकायत करते हैं, लेकिन सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। जरा सोचिए,किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा का शिकार सबसे अधिक कौन होता है आम आदमी ही जब इसकी चपेट में आता है, तो क्यों ना हम सब मिलकर कुछ ऐसे उपाय करें, जिससे इन आपदाओं का सामना किया जा सके।अपने मोहल्ले के लोगों के साथ मिलकर पहले से ही सुरक्षा योजना बना ली जानी चाहिए और समय-समय पर उनका अभ्यास करना चाहिए‌। लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक अभियान चलाए जाने चाहिए।

उपाय

समाज मैं इन आपदाओं से संबंधित सावधानी बरतने तथा उचित जानकारी पहुंचाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है विद्यालयों में बच्चों को जागरूक करना।

हम प्राकृतिक आपदाओं को रोक नहीं सकते किंतु उचित जानकारी, समुचित व्यवस्था और संगठित उपायों से इन के हानिकारक प्रभाव को कम अवश्य कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संकट के समय हमें धैर्य से इनका सामना करना चाहिए।

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