विज्ञान वरदान या अभिशाप विज्ञान के चमत्कार

यदि आदिकाल का मानव आज पृथ्वी पर अवतरित हो जाए तो उसकी आंखों को विश्वास नहीं होगा कि यह मृत्युलोक है कंप्यूटर रॉकेट जलयान टी वी तेलीप्रिंटर चलचित्र वीडियो जल बांध आदि को देख कर यह स्पष्ट है कि आज का मानव जल पृथ्वी और आकाश का स्वामी है चिकित्सा के क्षेत्र में भी वैज्ञानिक उपलब्धियां कम नहीं है आज के विज्ञान में असाध्य बीमारियों पर विजय ही नहीं प्राप्त कर लिया अपितु प्लास्टिक सर्जरी एक्स सदर प्रतिरोपण के नए आयाम प्रतिशत किए हैं

विज्ञान वरदान या अभिशाप विज्ञान के चमत्कार

आज तो उसने टेस्ट ट्यूब बच्चे को जन्म देकर सृष्टिकर्ता बृहा को भी चकित कर दिया है मनोरंजन शिक्षा कृषि यातायात उघोग धंधे दूरसंचार आदि सभी क्षेत्रों में वैज्ञानिक उपलब्धियां आश्चर्य में डाल देने वाली है पहाड़ों को काटकर सड़के बनाकर नदियों के पृवाह को मोड़ कर नहरें निकालकर स्थान और सनी की दूरी को कम कर दे आज के मानव ने प्रकृति की चुनौती को समाप्त कर दिया है इन सब से यह है सिद्ध होता है की विज्ञान एक वरदान है जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलमय सिद्ध होने वाला यही विज्ञान मानव के लिए अभिशाप भी बन गया है विज्ञान ने आज मानव जीवन को मशीन बना दिया है इसके भयंकर आणविक अस्त्र शस्त्रों से संपूर्ण मानव जाति के विनाश का खतरा बना हुआ है आज का मानव विनाश के कगार पर खड़ा है जहां से एकदम आगे जाने का अर्थ होगा सर्वनाश

द्तीय महायुद्ध में जापान के 2 शहरों पर अमेरिका द्वारा गिराए गए अनुभम से हुए भयंकर विनाश को भुलाया नहीं जा सकता आज तक वहां रेडियो सक्रिय तत्व फैला हुआ है जो विज्ञान के अभिशाप का साक्षी है विज्ञान ने मानव के नैतिक मूल्यों तथा आदर्शों को भौतिकवादी तथा जड़ बना लिया है यदि ध्यानपूर्वक देखा जाए तो विज्ञान को अभिशाप बनाने में इस बेचारे विज्ञान का कोई दोष नहीं है यह उसके प्रयोग करने वाले पर निर्भर करता है कि वह किसी शक्ति का प्रयोग निर्माण के लिए करता है अथवा विनाश के लिए यदि आज के वैज्ञानिक तथा स्वार्थी राजनीतिज्ञ वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग मानव कल्याण के लिए कर सके तो इससे बढ़कर कोई सेवक नहीं अलादीन के चिराग की तरह यह मानव की हर इच्छा पूरी करने में समर्थ है मनुष्य को युद्प्रिय तथा स्वार्थ से मुक्त रहना चाहिए वास्तव में विज्ञान एक आज्ञाकारी सेवक तथा निरंकुश शासक भी है जहां फूल होते हैं वहां कांटे भी होते हैं जहां कांटो से बच कर फूलों का उपयोग करना चाहिए अतः आज राजनीति तथा नैतिक मूल्यों में धर्म तथा विज्ञान में संबंध होना चाहिए तभी यह है विज्ञान अभिशाप की वरदान सिद्ध हो सकेगा किसी ने ठीक ही कहा है
विष्णु सरीखा पालक है, शंकर जैसा संहारक
पूजा उसकी शुद् भाव से करो, आज से आराधक

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