महंगाई बढ़ती कीमतें गंभीर समस्या | Inflation Rising Prices Serious Problem

प्रस्तावना़: आज अंतरराष्ट्रीय जगत में यों तो अनेक प्रकार की समस्याएं विधमान हैं, परंतु उन में दो ही समस्याएं ऐसी हैं, जिनका साम्राज्य लगभग विश्व के सभी देशों पर है। वह हैं-मुद्रास्फीति तथा महंगाई। विकासशील देश अपने आर्थिक कठिनाइयों के कारण इस समस्या से प्रभावित हुए हैं । इन देशों में लोग आए में वर्धि की मांग करते हैं। देश के पास धनाभाव होता है, जिसके कारण आय में वृद्धि होने के साथ-साथ मुद्रा-स्फीति भी बढ़ती है तथा पैसे की कीमत घटती चली जाती है। इसके कारण अंतत: महंगाई ही और बढ़ती है।

महंगाई बढ़ती कीमतें गंभीर समस्या

आखिर इस महंगाई के कारण क्या हैं ? यघपि इस समस्या के अनेक कारण हैं, तथापि इसके कारणों में उत्पादन की कमी एक है। अतिवृष्टि या अनावृष्टि से प्राय :फसलें सूख जाती हैं या नष्ट हो जाती है।
महंगाई का पढ़ता कारण है-बड़े-बड़े व्यापारी अनाज को खरीद कर अपने गोदामों में भर लेते हैं तथा बाजार में इसका अभाव दिखा देते हैं। कीमतें बढ़ने पर ही वे इसे बाहर निकालते हैं।

इस प्रकार व्यापारी वर्ग अपने स्वार्थ के लिए महंगाई को बढ़ावा देते हैं। महंगाई का एक अन्य कारण है-दोषपूर्ण योजना-प्रणाली। योजना आयोग द्वारा सुझाव गई योजनाओं में अधिकांश अव्यावहारिक होती हैं। उनके आंकड़े कागजी होते हैं। इन योजनाओं की पूर्ति के लिए कर लगाए जाते हैं।

बढ़ती गंभीर समस्या?

जनसंख्या की आबाध वृद्धि भी परोक्ष रूप से महंगाई को बढ़ाती है। भ्रष्टाचार के कारण हमारे देश की वितरण-व्यवस्था भी दोषपूर्ण है। उपभोक्ताओं को वस्तुएं उचित दामों पर नहीं मिलती। महंगाई के दुष्प्रभाव साक्षात देखे जा सकते हैं। लोगों काजीवन – स्तर गिर जाता है। अपराध वृति को पृश्रय मिलता है। भ्रष्टाचार का बोलबाला होता है। मुद्रास्फीति के कारण रुपए का मूल्य गिर जाता है। देश में चारों ओर अनिशिचतता तथा अविश्वास का वातावरण पैदा हो जाता है।

इस समस्या का समाधान खोजना इतना आसान कार्य नहीं है। भ्रष्टाचार को समाप्त करने की हर संभव कोशिश होनी चाहिए। जनसंख्या की तिवृ गति से होने वाली वृद्धि को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। खाधान्नों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने बहुत पराए किया है, पर बढ़ती हुई जनसंख्या की तुलना में अभी व कम ही हैं। अतः देश में सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार किया जाना आवश्यक है। बाढों को रोकने का राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए तथा देश में महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए एक सक्रिय राष्ट्रीय नीति बननी चाहिए।

जमाखोरी, मुनाफाखोरी आदि से निपटने के लिए सख्त कानून बनाये जाने चाहिए। यही नहीं, उनका पालन भी सख्ती से होना चाहिए।
महंगाई जैसी भयानक समस्या को दूर करने में हम भी योगदान दे सकते हैं। परिवार – नियोजन अपनाकर, भ्रष्टाचार से दूर रहकर, अपने कर्तव्य का सही पालन करके तथा उत्पादन बढ़ाकर हम सरकार को इस समस्या के समाधान में योगदान दे सकते हैं।

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