भारत की स्वास्थ्य समस्याएं संक्रमण रोग |India’s Health Problems Infection Diseases

प्रत्येक देश में अपनी व्यवस्थय समस्याएं होती हैं जो उसके लोगों के जीवन स्तर, जनसंख्या के आकार, देश की भौगोलिक स्थिति आदि पर निर्भर करती है भारत एक विशाल देश है जिसका क्षेत्रफल 32 लाख वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या 125 करोड़ है। इतने विशाल देश की व्यवस्था समस्याएं भी विशाल होती हैं। भारत की व्यवास्थय समस्याओं को निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है_ 1. संक्रामक रोगों की समस्याएं, 2. पोषण की समस्याएं, 3. पर्यावरणीय स्वच्छता की समस्याएं, 4. चिकित्सा सुविधा समस्याएं, 5. जनसंख्या समस्याएं।
संक्रामक रोगों की समस्याएं
1.मलेरिया_1950 तक मलेरिया को भारत की प्रमुख स्वास्थ्य समस्या समझा जाता था। 1953 के एक अनुमान के अनुसार इस रोग से 1 वर्ष में 7.5 करोड़ रोगी और मारुति संख्या 8 लाख थी। 1953 और 1958 में प्रारंभ किए गए राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण और उन्मूलन कार्यक्रमों ने मलेरिया पर सांघातिक प्रहार किया।

1971 तक मलेरिया के रोगियों की संख्या घटकर 10 लाख से कुछ अधिक रह गई और कोई मृत्यु नहीं हुई। रोग जो उन्मूलन की कगार पर था, पुन: लौट आया। 1970 में मलेरिया के रोगियों की संख्या 64 . 7 लाख की चरमसीमा तक पहुंच चुकी थी। (इसमें 7 ,42,247 फेल्सीपेरम के रोगी थे) और मृत्यु संख्या 59 थी। इस स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 1977 से भारत शासन ने संशोधित कार्य योजना,, प्रारंभ की। हम इस रोग को सीमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं

भारत की स्वास्थ्य समस्याएं संक्रमण रोग

 2.क्षयरोग_ आज क्षयरोग को भारत का मुख्य संक्रामक रोग कहां जा सकता है प्रति 1000 जनसंख्या में 4 लोगों के इस रोग से ग्रस्त होने की पुष्टि जीवाणिवक परीक्षण द्वारा हुई है। अनुमानित है कि देश में फुफ्फुस यक्ष्मा के कम से कम1.4 करोड़ रोगी होंगे। जिसमें कम से कम 35 लाख सकारात्मक कफ ( Positive Positive) वाले होंगे। भारत में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम (National Tuberculosis Control Programme) के प्रारंभ होने के बाद, 1970 में होने वाली 80 मृत्य प्रति 100,000 की दर घटकर 1993 में 53 मृत्यु प्रति 100,000 तब आ गई थी।
3.अतिसार रोग_अतिसार रोग (Diarrhoesl Diseases) कर दो रोगग्रस्तता तथा मृत्यु के कारणों का एक बड़ा कारण है, विशेषकर 5 वर्ष से कम उम्र वाले बालकों में। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 6.27 लाख मृत्यु हुई। खराब वातावरण वाली परिस्थितियों के कारण भारत में अतिसार रोगों का उद्भव एवं प्रसार अभी भी जारी है ।
 4.तीव्र श्वास संबंधी संक्रमण_5 वर्ष से कम आयु के बालकों के रोगग्रस्त होने तथा मृत्यु होने के कारण मैं एक बड़ा कारण तीव्र श्वास संबंधी संक्रमण है। अनुमान है कि अस्पतालों के बाद विभागों में होने वाले 13.6, प्रेतिशत प्रवेशों तथा 13 प्रतिशत रोगियों की मृत्युआओं का कारण तीव्र श्वास संबंधी संक्रमण (Acut Resipiratory Infeectiond)हैं।

 5. कुष्ठ_भारत में कुष्ठरो बानक्राफ्टी ग का व्यापक प्रसार है। विश्व के 9 लाख रोगियों में से 55 प्रतिशत अर्थात लगभग 5 लाख रोगी भारत में हैं। वर्तमान में देश के सभी जिलों में नि: शुल्क बहु औषधि उपचार (Multi Drug Therapy) सेवाएं उपलब्ध हैं।
 6.फाइलेरिया_ फाइलेरिया भारत की एक अन्य संक्रामक रोग समस्या है। देश में दो प्रकार के फाइलेरिया संक्रमण है_ डब्ल्यू (W.Bancrofit) और भी. मालाई (B. Malary) डब्ल्यू बानक्रफ्टी के कारण वाला फाइलेरिया संक्रमण अधिक व्यापक है जबकि बी: मलायी के कारण वाला केरल, आसाम, उड़ीसा, मध्यप्रदेश और और पश्चिम बंगाल के कुछ भागों तक सीमित है।

 7.हैजा_ भारत में ज्यादातर प्रचलित हैजा,, एल कार हैजा (EL Tor Cholerap),, के प्रकार के लाता है। यह पुराने,, संस्थापिक हैजा,, के संक्रमण के संक्रमण की तुलना में कम तीव्र है। फलस्वरूप हैजा के रोगियों की संख्या मृत्य संख्या में कमी आई है तथा हाल के वर्षों में हेजा के बड़े प्रकोप की खबर नहीं हैं। भारत में हैजा बने रहने का मुख्य कारण वातावरण की स्वच्छता, विशेषकर सुरक्षित पेयजल का अभाव और मानव मल का सफाई से निस्तारण का न होना है।
 8 प्लेग_ मानव प्लेग जो किसी समय इस देश में बदनाम था, अब लुप्त हो गया है। मानव प्लेग के अंतिम रोगी की खबर 1966 में मिली थी। तथापि प्लेग कोलर, चित्तूर और सलेम जिले की जंगली चूहों की आबादी में अस्तित्व बनाए हुए हैं। प्लेग छुटपुट मामलों का खतरा बना हुआ है।
 9. योन संचारित रोग (S.T.D)_ मुकेश समस्या सिफिलिस और सूजाक हैं। इससे प्रभावित जनसंख्या की सही स्थिति अज्ञात है।
 10.एड्स (AIDS)_ एड्स की समस्या प्रतिवर्ष तीव्रता से बढ़ रही है। एड्स का पता सर्वप्रथम 1986 में लगा था, तब से जुलाई 1999 के अंत तक एड्स रोगियों की सम्मिलित संख्या 8220 हो गई है। देश में लगभग 87300 व्यक्ति मानव प्रतिरक्षाहीनता विषाणु (HIV) के प्रति धनात्मक पाए गए हैं।
 11.आहर _तंत्र के संक्रमण (Alimentary Infections)_ टाइफाइड और पैराटायफाइड ज्वर, वविषाणुज यकृत शोथ, अतिसार एवं पेचिश, कृमि संक्रमण (जैसे गोलकृमि अंकुशकृमि) तथा अमीबाशोथ, इस देश में व्यापक रूप से पाए जाते हैं। अकेले अंकुशकृमि से लगभग 4.5 करोड व्यक्ति पीड़ित होने का अनुमान है । अमीबाशोथ से लगभग 1.5 करोड़ व्यक्ति प्रभावित है। काला_ आजार(Kala azar), जापानी मस्तिष्करोध (Japanese Encephalitis) इत्यादि भारत के अन्य प्रमुख संचारणीय रोग है।

यह है बड़ा दुख है कि ऐसे रोगों की रोकथाम तथा कम से कम संसाधनों के प्रयोग से करना संभव है फिर भी इतना पर्याप्त प्रसार है। रथ सहित अनेक विकासशील देशों में खराब स्वास्थ्य प्रमुख समस्या बना हुआ है। स्वास्थ्य में सुधार के लिए यदि प्रभावकारी उपाय प्रयोग में लाना है तो इस स्थिति के यह जिम्मेदार कारणों को समझाना होगा।

 

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